SIR Voter List Revision 2025: 12 राज्यों में 51 करोड़ वोटरों की बड़ी जांच, बिहार में 65 लाख नाम हटाए गए
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| SIR Voter List Revision 2025 |
Election Commission ने 21 साल बाद देश में सबसे बड़ा Special Intensive Revision (SIR) शुरू किया है। विपक्ष ने इसे “लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला” बताया, जबकि ECI ने कहा—यह voter list को साफ और error-free बनाने का राष्ट्रीय मिशन है।
SIR क्या है? Election Commission ने क्यों शुरू की यह प्रक्रिया
Election Commission of India (ECI) ने देशभर में Special Intensive Revision (SIR) 2025 की शुरुआत की है। यह एक large-scale voter verification program है, जिसमें घर-घर टीम जाकर:
- नागरिकता का सत्यापन
- duplicate entries हटाना
- migration से बने दोहरे नाम हटाना
- dead voters को list से निकालना
- नए eligible वोटरों को जोड़ना
- का काम करेगी।
SIR को चुनाव आयोग का दावा—यह प्रक्रिया electoral roll purification के लिए है।
12 राज्यों में Phase-2 शुरू, 51 करोड़ वोटर प्रभावित
ECI के अनुसार SIR Phase-2 इन राज्यों में लागू किया गया है:
Uttar Pradesh, West Bengal, Tamil Nadu, Rajasthan, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Gujarat, Kerala, Goa, Andaman, Lakshadweep, Puducherry
Timeline:
Verification Start: 4 November 2025
Draft Voter List: 9 December 2025
Final Electoral Roll: 7 February 2026
यह India’s largest voter verification drive बताया जा रहा है।
2003 Voter List Rule: कौन-सा वोटर Safe, किसे देना होगा Document?
SIR में सबसे बड़ा विवाद ECI द्वारा लागू किए गए 2003 Voter List Rule को लेकर है।
- Category 1: 2003 voter list में नाम था
- → कोई दस्तावेज़ की ज़रूरत नहीं
- Category 2: माता-पिता 2003 voter list में थे
- → कोई दस्तावेज़ नहीं
- Category 3: Self और Parents दोनों 2003 list में नहीं
- → Birth, citizenship, residence proof अनिवार्य
- सबसे अधिक असर गरीब, प्रवासी, SC/ST और minority voters पर पड़ रहा है।
Bihar SIR Controversy: 65 लाख वोटरों के नाम हटे
भारत में SIR का पहला बड़ा परीक्षण Bihar में किया गया।
- Bihar SIR Data:
- Total Voters Review: 7.90 Crore
- Deleted Voters: 65 Lakh
- Restored: 17.9 Lakh
- New Registrations: 21.53 Lakh
- Final Count: 7.42 Crore
राज्य में कुल 6% वोटरों की कमी देखी गई, जो एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया।
Opposition का आरोप—
यह “voter list deletion” और “demographic manipulation” का मामला है।
ECI का दावा—सर्वे zero appeal के साथ पूरा हुआ।
12 राज्यों में राजनीतिक हलचल तेज
Tamil Nadu
CM MK Stalin ने कहा—“वोट हटाने की national-level conspiracy चल रही है।”
West Bengal
TMC सरकार ने SIR की निगरानी कमजोर पाते ही 64 IAS officers का तबादला कर दिया।
Kerala
Kerala Assembly ने SIR के खिलाफ प्रस्ताव पास किया—यह कदम देश में पहली बार हुआ।
Opposition ने उठाए 5 बड़े सवाल
1. चुनाव से पहले इतनी बड़ी प्रक्रिया क्यों?
2026 elections नज़दीक हैं।
2. Aadhaar को citizenship proof बनाने का खतरा
Aadhaar नागरिकता प्रमाण नहीं है।
3. Digital Divide
Poor और migrant voters दस्तावेज़ नहीं दे पाएंगे।
4. Targeted Deletions का आरोप
कुछ वर्गों को जानबूझकर हटाया जा रहा है।
5. EC की भूमिका और पारदर्शिता
Supreme Court ने भी ECI से पारदर्शिता पर सवाल पूछे हैं।
क्या SIR लोकतंत्र को मजबूत करेगा या कमजोर?
देश में यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है—
“Will SIR help clean voter list or remove genuine voters?”
SIR के परिणाम आने वाले चुनावों और लोकतांत्रिक संरचना पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
SIR voter list revision 2025 भारत के चुनाव इतिहास का सबसे बड़ा अभियान है।
यह clean-up है या voter list deletion—इस पर बहस जारी है।
देश के 51 करोड़ वोटरों की अंतिम पहचान 7 फरवरी 2026 को साफ़ होगी।
