दोस्तों आपको पता होगा कि पश्चिम एशिया के हालातो पर हाई लेवल मीटिंग की पीएम बोले किसी भी जरूरत चीज की कमी नहीं होने देंगे। देशवासियों को
लेकिन कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं होगी है । 'LPG GAS CYCLINDER' के बारे बोले मोदी ।
'PM Modi' ने अचानक लिया बड़ा फैसला। 'Modi Action on iran war'
तो इस मीटिंग के बाद आज पीएम मोदी ने, देश के संसद भवन में पहली बार ईरान अमेरिका के जंग का हालातो पर बात की खुलकर और इसमें पीएम मोदी ने इन देशों को खुली चेतावनी दे दी , इनडायरेक्टली तरीकों से।
देखिए पीएम ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति को लेकर कई अहम मुद्दों पर बात की पश्चिम एशिया के मुद्दों को लेकर क्या-क्या कहा पीएम मोदी ने जानते हैं, सब कुछ।'PM Modi Big Decision Today' ईरान अमेरिका जंग में भारत का बड़ा फैसला।
पहले तो पीएम मोदी बोले पश्चिम एशिया की हालत कब काफी चिंताजनक है। होरमुजरूट से भारत के कई जहाज निकले।
लेकिन इसके बंद होने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है, पीएम ने कहा कि कोरोना की तरह हमें इस संकट से भी तैयार रहना होगा ।
पश्चिम एशिया संकट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने राज्य सरकारों से भी कहा कि कालाबाजारी रोकने के लिए कड़ी मॉनिटरिंग कीजिए देश की हर सरकार और हर नागरिक जब मिलकर चलेंगे।
तो हर चुनौती को चुनौती दे सकते हैं,
'Iran America War Impact on India'. तेल की कीमतों पर बड़ा संकट।
कच्चे तेल और गैस पर बड़ी बात कही और आगे कोविड महामारी का जिक्र भी किया प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे कोरोना के समय लॉकडाउन लगा था।
दुनिया भर में संकट आया था किस तरह से हम भारतीयों ने मिलकर उसे समस्या से निपटे थे आज भी दुनिया में इस तरह का एक संकट सामने खड़ा है,
तो भारतीयों को मिलकर आगे बढ़ना होगा हमें तैयार रहना होगा पश्चिम एशिया में संकट से आखिर भारत अभी कैसे निपटा रहा है सरकार ने अभी मौजूदा समय में क्या-क्या तैयारी की है पीएम मोदी ने लोकसभा में पूरा प्लान बताया इस प्लान के 10 खास बातें 10 बड़ी बातें देखते हैं।
पीएम मोदी ने खुलकर विरोध किया और कहां की 41 देश से आज हम तेल और गैस इंपोर्ट कर रहे हैं,
अकेले ईरान अमेरिका इन देशों के भरोसे भी हम नहीं है ,
सार्वजनिक बयान दिया देश के संसद भवन में लोकसभा सदन में तकरीबन 25 मिनट तक स्पीच में उन्होंने कहा कि दुनिया में चल रहा तनाव खत्म होना चाहिए।
बातचीत से ही समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए हमारी सरकार की कोशिश है कि देश में तेल की संकट न हो इसके लिए 27 के जगह अब हम 41 देश से इंपोर्ट कर रहे हैं ।
वहीं पश्चिम एशिया में तकरीबन जो एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते हैं उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है,
कि अभी तक तकरीबन 375000 लगभग भारतीय सुरक्षित हमारे स्वदेश लौट चुके हैं,
जो इन युद्ध के हालात में अलग-अलग देश में फंसे हुए थे अकेले ईरान से ही तकरीबन हजारों भारतीय लोक सुरक्षित लौटे हैं 700 से ज्यादा तो मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा भी स्वदेश लौट चुके हैं, सुरक्षित तरीके से।
इन संकट की तैयारी को लेकर आखिर सरकार की क्या प्लानिंग है, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहना होगा हम कोरोना के समय भी एक जुट से ऐसे ही चुनौतियों का सामना कर चुके हैं,
अब हमें फिर से इस तरह तैयार रहने की आवश्यकता है।


